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अमिताभ ने दौड़ लगाई

लंदन में ओलिंपिक मशाल की दौड़ में हिस्‍सा लिया। हाथों में ओलिंपिक की मशाल लिए अमिताभ ओलिंपिक की ट्रैक शूट में नजर आए। 69 साल के अमिताभ ने करीब तीन सौ मीटर की दौड़ लगाई। अमिताभ जिस वक्‍त हाथों में ओलिंपिक की मशाल लिए थे, उस वक्‍त लंदन की सड़कों पर लोगों की खचाखच भीड़ थी। ड़क के दोनों तरफ अमिताभ के प्रशंसकों की भीड़ थी और मशाल दौड़ देखने के लिए भी लोग जमा थे। वहां मौजूद लोगों ने हाथ हिला हिलाकर अमिताभ का अभिवादन किया जिसके जवाब में अमिताभ ने भी हाथ हिला कर जवाब दिया। अमिताभ ने पहले हल्की चहलकदमी की फिर वो लंबे लंबे डग भर कर भी दौड़े।यूं तो लंदन में ओलिंपिक खेल 27 जुलाई से शुरू हो रहे हैं, लेकिन अर्थशास्त्रियों ने अभी से बता दिया है कि वहां किसके हाथ कितने मेडल लगेंगे। हालांकि, इस अनुमान के लिए उन्होंने खिलाडिय़ों की क्षमता और तैयारियों के बजाय मौजूद आंकड़ों को आधार बनाया है। अगर उनका अनुमान सही रहा तो चीन, अमेरिका और रूस इन खेलों में सबसे ज्यादा सफलता हासिल करेंगे। साथ ही मेजबान ब्रिटेन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा। रूर-यूनिवर्सिटैट बॉकम के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जर्मनी इस ओलिंपिक में सबसे ज्यादा नुकसान उठाएगा। इन अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कुछ आंकड़ों के अध्ययन से ओलिंपिक में सफलता का अनुमान लगाया जाना संभव है। उन्होंने विभिन्न प्रतिभागी देशों से जुड़े राजनीतिक, आर्थिक, भौगोलिक, जनसंख्या-आधारित और सांस्कृतिक डाटा को अपने इस मॉडल में इस्तेमाल किया है। इसी मॉडल के जरिए पिछले ओलिंपिक यानी बीजिंग खेलों की मेडल तालिका का हिसाब लगाए जाने पर यह मॉडल 96.9 फीसदी सही रहा तो 2004 के एथेंस खेलों के लिए इसके अनुमान 97.4 फीसदी सटीक रहे। लंदन ओलिंपिक में हिस्‍सा ले रहीं मलेशिया की महिला निशानेबाज नूरी सूरियानी की निगाहें मेडल पर टिकी हैं। 28 जुलाई को वह लंदन में 10 मीटर महिला एयर राइफल इवेंट में हिस्सा लेने के लिए मैदान में उतरेंगी। हालांकि, नूरी बाकी महिला खिलाड़ियों से अलग हैं। वह गर्भवती हैं। वैसे तो अब तक के ओलिंपिक इतिहास में तीन गर्भवती खिलाड़ी हिस्सा ले चुकी हैं लेकिन ऐसी कोई खिलाड़ी नहीं है जो आठ महीने का गर्भ लेकर ओलंपिक में उतरी हो। नूरी का सपना है कि 10 मीटर महिला एयर राइफल इवेंट में वह मलेशिया को पहली बार गोल्‍ड मेडल दिलाएं। पूरी दूरी में अमिताभ के चारों ओर सुरक्षा कर्मियों का घेरा बना हुआ था ताकि मशाल और अमिताभ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अमिताभ के पीछे पीली गाड़ियों का काफिला था और वहां पुलिस का बंदोबस्त भी था। मशाल की सुरक्षा में लगे लोगों ने अमिताभ को बताया कि उन्हें कैसे यह मशाल ले जानी है। दौड़ पूरी करने के बाद अमिताभ ने मशाल दूसरे खिलाड़ी को सौंप दिया। 6 जुलाई को ओलंपिक मशाल लंदन के कैमडन इलाके से वेस्टमिनिस्टर तक की दूरी तय करेगी। पिछले 70 दिनों में 8000 लोगों ने मशाल को लेकर 8000 मील की दूरी तय की है। अमिताभ आज जिस जगह से ओलिंपिक की मशाल लेकर दौड़े, उसका नाम साउथवार्क है। खेलों का महाकुंभ कहा जाने वाला ओलिंपिक 27 जुलाई से शुरू हो रहा है, जो 12 अगस्‍त तक चलेगा।


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